संस्थान के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने बताया कि आईडीई बूटकैंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य छात्रों में नवाचार, डिजाइन और उद्यमिता की भावना को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार की नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भारत को नवाचार-आधारित उद्योगों का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह,सदस्य सचिव डॉ. श्यामा राठ की उपस्थिति में, एआईसीटीई मुख्यालय नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि यह बूटकैंप देशभर के 13 प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है, जिनमें इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज एक प्रमुख केंद्र है। उन्होंने जानकारी दी कि वाधवानी फाऊंडेशन इस कार्यक्रम का नॉलेज पार्टनर है, जो विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, जबकि एसबीआई आयोजन सहयोगी के रूप में योगदान दे रहा है।
कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डॉ. अरविंद तिवारी के अनुसार, अब तक विभिन्न राज्यों से 261 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। बूटकैंप के दौरान स्टार्टअप संस्थापक, इनोवेशन विशेषज्ञ और विषय-विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों का संचालन करेंगे।
बूटकैंप के पहले दिन प्रतिभागी अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे, जबकि तीसरे दिन उन्हें स्थानीय शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा, जहां उन्हें नेटवर्किंग के अवसर मिलेंगे। अंतिम दिन आयोजित पिचिंग सत्र में प्रतिभागी अपने विचारों को निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक केंद्र पर शीर्ष 5 टीमों को प्रशंसा प्रमाणपत्र एवं गैर-आर्थिक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
यह बूटकैंप विद्यार्थियों के लिए सीखने, नवाचार करने और अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने का एक सशक्त मंच सिद्ध होगा, जिससे वे भविष्य में उद्यमिता और तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर देश को नाम रोशन करेंगे।
इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ डीके शर्मा,डीन एकेडमिक्स डॉ अमित जैन,डीन डॉ सुनीता यादव,सीईओ टीबीआई साजिद, प्रो डॉ एस पी सिंह ने बधाई दी।

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