मेरठ। युवाओं के प्रेरणास्रोत एवं भारतीय संस्कृति के वैश्विक संवाहक स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में दो दिवसीय वेंक्टेश्वरा युवा महोत्सव–2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव के अंतर्गत “विवेकानंद भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक” विषय पर संगोष्ठी, रन फॉर यूनिटी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रक्तदान शिविर, यातायात जागरूकता एवं महिला सशक्तीकरण सहित आधा दर्जन से अधिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
महोत्सव का उद्घाटन सी.वी. रमन सभागार में समूह चेयरमैन डॉ. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कांत दवे, वित्त निदेशक युवराज सिंह एवं कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. सुधीर गिरि ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर स्थापित करने वाले प्रथम महामानव थे, जिन्होंने भारत को विश्व गुरु के रूप में पहचान दिलाई। प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने स्वामी विवेकानंद को विश्व शांति और वैश्विक एकता का प्रतीक बताते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। प्रो. (डॉ.) मधु चतुर्वेदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। महोत्सव के पहले दिन एकता दौड़, जागरूकता रैली एवं रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने 122 यूनिट से अधिक रक्तदान कर मानव सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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