देशभर के प्रतिभाशाली छात्रों ने दिखाया नवाचार और तकनीकी दक्षता का दमखम
गाज़ियाबाद। तकनीकी नवाचार, रचनात्मक सोच और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में 24 घंटे के राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन ‘स्नोहैक-आईपीईसी’ का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। देश के विभिन्न राज्यों से 2,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से चयनित 85 टीमों के लगभग 300 प्रतिभागी मुख्य प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।हैकाथॉन में स्थानीय तकनीकी संस्थानों के साथ-साथ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) एवं देश के अन्य प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्र भी शामिल हुए हैं, जिससे प्रतियोगिता का स्तर अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक हो गया है। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शीर्ष तीन टीमों के लिए 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क पंजीकरण, तथा 24 घंटे तक चलने वाले आयोजन के दौरान भोजन एवं आवास की समुचित व्यवस्था की गई है।
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों द्वारा विकसित नवोन्मेषी परियोजनाओं का मूल्यांकन देश-विदेश की प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों एवं वरिष्ठ मानव संसाधन विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया जा रहा है। मूल्यांकन के प्रमुख मानदंडों में परियोजनाओं की व्यावहारिक उपयोगिता, नवाचार, तकनीकी गुणवत्ता तथा सामाजिक-औद्योगिक प्रभाव शामिल हैं।
इस अवसर पर संस्थान के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में नवाचार और तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है। वहीं, संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार सोलंकी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को टीमवर्क, समय प्रबंधन और समस्या-समाधान जैसे महत्वपूर्ण कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. एस. पी. सिंह एवं डॉ. अरविंद तिवारी ने बताया कि हैकाथॉन का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों से परिचित कराते हुए नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उद्घाटन समारोह में सभी अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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