शिक्षा, नवाचार और युवा शक्ति के बल पर भारत बनेगा विश्व गुरु: सुधीर गिरि
इक्कीसवीं सदी में नई दिशा देने को तैयार है राष्ट्रवादी और सशक्त भारत: डॉ. राजीव त्यागी
उन्होंने कहा कि भारत विश्व में सर्वाधिक युवा शक्ति वाला देश है और यही युवा शक्ति भारत को वैश्विक शांति, सामाजिक समरसता, उच्च शिक्षा, नवाचार और शोध के माध्यम से विश्व का नेतृत्वकर्ता बना सकती है। साथ ही उन्होंने युवाओं से चीन एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले भारतीय भू-भाग को वापस लेने हेतु राष्ट्रीय जागरूकता अभियान से जुड़ने का संकल्प भी दिलाया।
वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित इस संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री सुशील जी, प्रति कुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, प्रचारक योगेन्द्र जी, महान कवयित्री डॉ. मधु चतुर्वेदी, डॉ. राहुल अवस्थी, भाजयुमो अध्यक्ष शुभम चौधरी सहित अन्य अतिथियों द्वारा भारत माता एवं सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
मुख्य अतिथि सुशील जी ने अपने संबोधन में कहा कि यदि भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र और पुनः विश्व गुरु बनाना है, तो इसके लिए शिक्षा, सामाजिक समरसता, राष्ट्रवाद और युवा शक्ति का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद वहां हो रहे तीव्र विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब पाकिस्तान एवं चीन अधिकृत भारतीय भू-भाग पुनः भारत में सम्मिलित होंगे, तब भारत निःसंदेह संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शन करेगा।
प्रति कुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि शिक्षा से सशक्त, युवा शक्ति से ऊर्जावान और राष्ट्रवाद से प्रेरित भारत इक्कीसवीं सदी में विश्व को नई दिशा देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह भारत ज्ञान, शक्ति, शांति और मानवता के मूल्यों के साथ वैश्विक नेतृत्व करेगा। यह बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर है, जिस पर आने वाले समय में पूरी दुनिया गर्व करेगी।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक डॉ. राजेश सिंह, डॉ. राजवर्द्धन, डॉ. ओमप्रकाश गोसाई, डॉ. अश्विनी सक्सेना, डॉ. धीरज दुबे, डॉ. आशुतोष, डॉ. एस.के. श्रीवास्तव, डॉ. योगेश्वर, डॉ. राम कुमार, डॉ. आनंद सेन, डॉ. अनिल जायसवाल, डॉ. सुमन, डॉ. ज्योति, डॉ. आरती, डॉ. स्नेहलता, डॉ. विकास पाण्डेय, मेरठ परिसर से डॉ. पंकज कुमार, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, बुद्धिजीवी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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