एआई, संयुक्त शोध, ड्यूल डिग्री और छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान से खुलेंगे नए अवसरसाहिबाबाद। औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 स्थित इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज (आईपीईसी) और रूस की मारी स्टेट यूनिवर्सिटी के बीच शैक्षणिक सहयोग को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। 13 अक्टूबर को रूस के योश्कर-ओला स्थित विश्वविद्यालय पहुंचे आईपीईसी के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त शोध, तकनीकी नवाचार, छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा की।
मारी स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत अंतरराष्ट्रीय एवं विधिक मामलों की उप-कुलपति इरीना पेट्रोवा और अंतरराष्ट्रीय विभाग की प्रमुख नतालिया कनाशिना सहित अन्य अधिकारियों ने किया।
आईपीईसी के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग और चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान से दोनों संस्थानों को नई तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभवों का लाभ मिलेगा।
आईपीईसी की वाइस चेयरमैन आकांक्षा अग्रवाल ने शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, मारी स्टेट यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के उपाध्यक्ष विभूति शंकर ने भारतीय विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए अकादमिक ओलंपियाड आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर विकास, संयुक्त वैज्ञानिक परियोजनाओं, शोध पत्रों के प्रकाशन और ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों की संभावनाओं पर भी चर्चा की। अंतरराष्ट्रीय विभाग की प्रमुख नतालिया कनाशिना ने भारतीय और रूसी विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा अल्पकालिक शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही।
मारी स्टेट यूनिवर्सिटी के रेक्टर प्रो. मिखाइल श्वेत्सोव ने आईपीईसी के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने की इच्छा जताई। यह पहल भारत-रूस के शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए नए अंतरराष्ट्रीय अवसर सृजित करने की दिशा में अहम कदम है।

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