- महिलाओं के साथ वीभत्स घटना आजाद भारत के इतिहास में कलंक : चौधरी उर्वशी सिंह
मेरठ। उत्तर प्रदेश महिला अधिवक्ता एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से मणिपुर में दो महिलाओं के साथ हुई वीभत्स घटना के संबंध में ज्ञापन दिया गया। जिसमें महिला अधिवक्ताओं द्वारा मांग रखी गई कि महिला का अपमान उसे निर्वस्त्र करना है, बलात्कार के अपराध की सजा में संशोधन कर के मृत्युदंड का प्रावधान किया जाना आवश्यक है। किन्ही वर्तमान न्यायाधीश की कमेटी बनाकर उक्त मुकदमा फास्ट ट्रेक कोर्ट दिल्ली न्यायालय में चला कर शीघ्र दोषियों को फांसी की सजा दी जाए ताकि भविष्य में भारत देश में ऐसे अपराध ना हो। मणिपुर में तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। ऐसी अनेक घटनाएं मणिपुर के अंदर हुई है उस सभी घटनाओं की जांच की जाए। उत्तर प्रदेश महिला अधिवक्ता संघ की प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट चौधरी उर्वशी सिंह ने कहा कि इस तरह की वीभत्स घटना आजाद भारत के इतिहास में कलंक है। महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली सरकार ने अभी तक मणिपुर सरकार के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की। जिससे प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार की बेटी पढ़ाओ,बेटी बचाओ जैसे नारे निर्थक है। केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की किसी भी न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी की टीम बनाकर सीबीआई जांच कराकर अपराधियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान मुख्य रूप से पूनम वशिष्ठ, मीनाक्षी यादव, खुशनुमा परवीन, शाइस्ता मलिक, अनूप सैनी, पूजा रस्तोगी, सिंपल सिंह, वर्षा शर्मा, सिमरन कौर,अर्चना गोस्वामी,पूजा रानी, आकांक्षा सिंह, मोनिका गौड़, गजाला अंसारी, प्रीति रानी, शिफा गाजी उपस्थित रही।
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