मेरठ। जाने-माने दूरसंचार सेवा प्रदाता वी ने इंडिया मोबाइल कॉन्ग्रेस (आईएमसी) 2023 के दौरान अपने मार्की सोशल टेक-बेस्ड सोल्युशन ‘इनोवेशन इन टेक्नोलॉजी फॉर पब्लिक गुड’ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया। आईएम 2023 का आयोजन 27 से 29 अक्टूबर 2023 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में किया जा रहा है। अश्विनी वैष्णव (विद्युत एवं सूचना प्रोद्यौगिकी, भारत सरकार) के साथ प्रधानमंत्री ने वाराणसी के अराज़ीलाईन एवं सेवापुरी ब्लाक के लोगों के साथ बातचीत की, जो वी फाउन्डेशन के प्रोग्रामों- जादू गिन्नी का, गुरूशाला और स्मार्ट एग्री से लाभान्वित हुए हैं। डिजिटल-वित्तीय साक्षरता, शिक्षा एवं आजीविका पर आधारित इन तीनों समाधानों ने वाराणसी में 1.4 लाख से अधिक लोगों तथा उत्तर प्रदेश में 13.5 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न किया है।
प्रधानमंत्री के कीमती समय एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए पी बालाजी (डायरेक्टर, वी फाउन्डेशन एवं चीफ़ रेग्युलेटरी अफे़यर्स ऑफिसर, वोडाफ़ोन आइडिया लिमिटेड) ने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभारी हैं, जिन्होंने वी बूथ पर आकर वाराणसी के लोगों के साथ बातचीत की। वी फाउन्डेशन भारत सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप टेक के माध्यम से देश के ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वी फाउन्डेशन के प्रोग्राम समाज पर समारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। अपने प्रयासों क माध्यम से हम न सिर्फ समुदायों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करना चाहते हैं, बल्कि बेहतर कल के लिए स्थायी एवं अर्थपूर्ण बदलाव भी लाना चाहते हैं। हम सही मायनों में बदलाव लाने में भरोसा रखते हैं।’’ प्रधानमंत्री जी ने ‘जादू गिन्नी का’ वित्तीय साक्षरता वैन में रूचि ली, जिसे वी बूथ पर डिस्पले किया गया था। लैपटाप, टीवी और पोर्टेबल जनरेटर आदि से युक्त यह कस्टमाइज़्ड वैन देश के विभिन्न नगरों एवं समुदायों की यात्रा करते हुए लोगों को बुनियादी डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता कौशल पर प्रशिक्षण और ज्ञान प्रदान करती है। डिजिटल समावेशन के लिए भारत के प्रमुख प्रोग्राम प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान तथा आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत वी फाउन्डेशन वित्तीय साक्षरता के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए सीएससी एकेडमी के साथ साझेदारी में जादू गिन्नी का प्रोग्राम संचालित करता रहा है। ग्रामीण स्तर के उद्यमियों द्वारा संचालित यह वित्तीय साक्षरता वैन भारत सरकार के डिजिटल साक्षरता अभियान को देश के वंचित समुदायों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वी फाउन्डेशन का मानना है कि टेक्नोलाजी के द्वारा समाज की सबसे जटिल चुनौतियों को भी हल किया जा सकता है। वी फाउन्डेशन के प्रोग्राम साधारण टेक-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लेकर आए हैं। वी ने वी फाउन्डेशन की तीन पहलों का प्रदर्शन किया, जिन्होंने वाराणसी के लोगों के जीवन पर बड़े पैमाने पर प्रभाव उत्पन्न किया है।
वी की पहल ‘जादू गिन्नी का’ माननीय प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण के अनुरूप वित्तीय साक्षरता और समावेशन को बढ़ावा देती है। यह प्रोग्राम भारत के ग्रामीण परिवारों में 15 से 60 वर्ष के लोगों को डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता में प्रशिक्षण प्रदान करता है। सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ साझेदारी एवं वैन्स के माध्यम से यह पहल अब तक 1.5 करोड़ से अधिक नागरिकों को फायदा पहुंचा चुकी है, जिनमें से आधी महिलाएं हैं। प्रमुख वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह से विकसित यह प्रोग्राम वित्तीय अवधारणाओं जैसे ऋण, निवेश, वित्तीय नियोजन एवं डिजिटल वित्तीय उपकरणों पर जागरुकता बढ़ाता है। लोगों को सोच-समझ कर अपने वित्तीय फैसले लेने में सक्षम बनाकर उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करता है।
वी का स्मार्ट एग्री प्रोग्राम आधुनिक तकनीकों के द्वारा किसानों की आजीविका में सुधार लाता है और उन्हें स्थायी कृषि प्रथाओं को अपनाने के लिए सक्षम बनाता है। इंटरनेट आॅफ थिंग्स (आईओटी), आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स (एआई) और रियल टाईम टेक्नोलाॅजी समाधानों के माध्यम से स्मार्ट एग्री किसानों को खेती से जुड़े हर महत्वपूर्ण पहलु पर जानकारी देता है जैसे मिट्टी और हवा की गुणवत्ता, हवा, कीटों की मौजूदगी एवं फसलों का विकास। किसानों को उनकी फसलों के लिए ज़रूरी एग्री इनपुट एवं स्थानीय अडवाइज़री भी मिलती है, उन्हें कृषि बाज़ार, सरकारी नीतियों एवं योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाती है। उन्हें मोबाइल फोन के द्वारा क्षेत्रीय भाषा में यह सभी जानकारी दी जाती है और अगर वे पढ़ना न जानते हों तो उनके लिए आॅडियो का विकल्प भी होता है। इस साल इस प्रोग्राम के विस्तार से विभिन्न राज्यों के 8.6 लाख से अधिक किसानों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, उनकी आय बढ़ेगी और लागत में 15-20 फीसदी तक कमी आएगी।
इसी तरह गुरूशाला वी की ओर से पेश किया गया डिजिटल नाॅलेज शेयरिंग प्लेटफाॅर्म है जिसे खासतौर पर शिक्षकों एवं छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्लेटफाॅर्म डिजिटल संसाधनों का एक्सेस देता है। तकरीबन 6.4 लाख यूज़र, जिनमें शिक्षक एवं छात्र शामिल हैं, यूज़र फ्रैंडली वेबसाईट एवं मोबाइल ऐप्लीकेशन के ज़रिए गुरूशाला को एक्सेस कर रहे हैं। यह स्मार्टफोन के माध्यम से ग्रामीण स्कूलों एवं परिवारों के लिए सुलभ है। इस प्लेटफाॅर्म पर नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार 89,000 से अधिक कंटेंट असेट्स की व्यापक आॅनलाईन लाइब्रेरी है, जो कक्षा 6 से 10 तक के लिए उपयुक्त है। वी, 4 लाख अध्यापकांे के साथ मिलकर हाइपर-लोकर लर्निंग सामग्री भी लेकर आया है, ताकि ग्रामीण एवं वंचित समुदायों के बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता की शिक्षा को सुलभ बनाया जा सके।

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