चार दिवसीय मॉड्यूल में विद्यार्थियों को मिली उद्यमिता और इनोवेशन की दिशा
‘विकसित भारत 2047’ की दृष्टि के अनुरूप तकनीकी समाधान देने की प्रेरणा
साहिबाबाद।
इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर (IPEC-TBI) ने इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (IIC) के सहयोग से “डिज़ाइन थिंकिंग, इनोवेशन एवं आंत्रप्रेन्योरशिप” विषय पर चार दिवसीय, आठ घंटे का विशेष मॉड्यूल सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। इस पहल में विभिन्न शाखाओं के 800 से अधिक प्रथम वर्ष के बी.टेक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता की बुनियादी समझ प्रदान करना था।
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पहला दिन: डिज़ाइन थिंकिंग की मूल अवधारणा और उसके वास्तविक जीवन में प्रयोग पर चर्चा हुई।
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दूसरा दिन: विचार मंथन एवं आइडियेशन सत्र में डॉ. अंकिता बाजपेयी (एमबीए विभाग) ने छात्रों को नवाचारपरक अभ्यास कराए।
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तीसरा दिन: नवाचार एवं तकनीकी समाधान पर सुश्री प्रियांका गुप्ता, सीईओ, IPEC-TBI ने छात्रों को “जॉब सीकर नहीं, जॉब प्रोवाइडर बनने” का संदेश दिया और विकसित भारत 2047 में तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डाला।
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चौथा दिन: डॉ. तनवीर (प्रमुख, SDC) ने स्किल डेवलपमेंट सेंटर की योजनाओं की जानकारी दी, जबकि डॉ. एस.पी. सिंह और डॉ. अरविंद तिवारी ने AICTE IDEA Lab में उपलब्ध प्रोटोटाइप सुविधाओं का परिचय कराया।
सीईओ प्रियांका गुप्ता ने कहा, “हमारा मिशन है युवा मस्तिष्कों को बड़ा सोचने, निडर होकर नवाचार करने और भविष्य के उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करना। IPEC-TBI छात्रों को मेंटरशिप और संसाधन उपलब्ध कराकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान का अवसर देता है।”
मॉड्यूल का समापन छात्रों की उत्साही भागीदारी और विचार-साझाकरण के साथ हुआ। इस अवसर पर वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, डीन एकेडमिक्स डॉ. अमित जैन तथा डॉ. सुनीता यादव (डीन, सीएस एलाइड ब्रांच) ने कार्यक्रम की सफलता पर बधाई दी और छात्रों को नवाचार व उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।



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