इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज का जर्मन संस्था स्टाइनबाइस फाउंडेशन इंडिया से शैक्षिक करार
साहिबाबाद। तकनीकी शिक्षा, नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद तथा एमआईईटी समूह ने स्टाइनबाइस फाउंडेशन इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।इस साझेदारी के अंतर्गत इंदरप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में भारत-जर्मन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र दोनों देशों के नवाचार तंत्र को जोड़ने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक तकनीकों के हस्तांतरण को गति देने का कार्य करेगा। इसके माध्यम से संयुक्त शोध, उद्यमिता विकास, कौशल उन्नयन तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठियों, सम्मेलनों और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
संस्थान प्रबंधन के अनुसार जर्मनी की उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की प्रतिभा एवं रचनात्मक क्षमता के समन्वय से सतत विकास की दिशा में ठोस पहल संभव होगी। यह सहयोग विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण, आधुनिक कौशल और उद्योगोन्मुख शिक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
समझौता ज्ञापन पर स्टाइनबाइस फाउंडेशन इंडिया के अध्यक्ष विनीत गोयल तथा इंदरप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के उपाध्यक्ष पुनीत अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, विभिन्न औद्योगिक संगठनों तथा एक्सेल जियोमैटिक्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के पश्चात जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उद्योग क्षेत्र की चुनौतियों एवं जर्मन तकनीक के माध्यम से भारत में तकनीकी उन्नयन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
संस्थान प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल भारत और जर्मनी के बीच शैक्षिक एवं तकनीकी सहयोग को नई दिशा प्रदान करेगी तथा विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाएगी
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