मेरठ। एमआईईटी के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया है। एमआईईटी के सीएसई (एआई एंड एमएल) तृतीय वर्ष के छात्र वरदान सिंह, शिवम अग्रवाल, वंश तोमर और यश वर्मा की टीम “सेंटिएंट मैवरिक्स” ने इंडिया एआई इम्पैक्ट बिल्डाथॉन 2026 में छात्र श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हैकाथॉन भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा एचसीएल-गुवी के सहयोग से आयोजित किया गया था। यह आयोजन इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का प्रमुख हिस्सा था, जिसे वैश्विक दक्षिण में आयोजित पहला प्रमुख वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्मेलन था।
प्रारंभिक ऑनलाइन चरण में देशभर से 40,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस विशाल प्रतिस्पर्धा में से केवल शीर्ष 2 प्रतिशत प्रतिभागियों लगभग 850 प्रतिभाओं को, जिन्हें 200 उत्कृष्ट टीमों (छात्र एवं प्रोफेशनल श्रेणी) में विभाजित किया गया—ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित किया गया।
एमआईईटी की टीम सेंटिएंट मैवरिक्स ने “एआई कॉल शील्ड” नामक एक अभिनव रियल-टाइम सुरक्षा प्रणाली विकसित की, जिसका उद्देश्य डीपफेक ऑडियो और एआई वॉइस क्लोनिंग जैसे बढ़ते साइबर खतरों से लोगों को सुरक्षित करना है। वर्तमान समय में साइबर अपराधी सिंथेटिक आवाज़ों का उपयोग कर विश्वसनीय व्यक्तियों या अधिकारियों का रूप धारण कर ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य संवेदनशील जानकारियां ठग लेते हैं।
टीम द्वारा विकसित यह एप्लीकेशन फोन कॉल के दौरान सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है। कॉल के दौरान एआई मॉडल तुरंत आवाज़ की भौतिक विशेषताओं का विश्लेषण करता है, जैसे अस्वाभाविक पिच स्थिरता, रोबोटिक ध्वनि पैटर्न तथा ‘परफेक्ट साइलेंस’ जैसी मशीन-जनित आवाज़ की पहचान करने वाले संकेत। साथ ही, यह सिस्टम विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में उपयोग की जाने वाली दबावपूर्ण एवं भ्रामक भाषा की भी निगरानी करता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संपूर्ण प्रक्रिया उपयोगकर्ता की गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए व्यक्तिगत जानकारी (जैसे खाता संख्या आदि) को स्वतः छिपाकर करती है।
प्रतियोगिता के दौरान टीम ने छात्र श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त कर 40 हज़ार की नगद राशि जीती।
इस अवसर पर एमआईईटी के चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल,गौरव अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ संजय कुमार सिंह, डीन एकेडमिक्स डॉ संजीव सिंह,हेड डॉ रामबीर सिंह,अजय चौधरी ने बधाई दी।
यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हैकाथॉन भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा एचसीएल-गुवी के सहयोग से आयोजित किया गया था। यह आयोजन इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का प्रमुख हिस्सा था, जिसे वैश्विक दक्षिण में आयोजित पहला प्रमुख वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्मेलन था।
प्रारंभिक ऑनलाइन चरण में देशभर से 40,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस विशाल प्रतिस्पर्धा में से केवल शीर्ष 2 प्रतिशत प्रतिभागियों लगभग 850 प्रतिभाओं को, जिन्हें 200 उत्कृष्ट टीमों (छात्र एवं प्रोफेशनल श्रेणी) में विभाजित किया गया—ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित किया गया।
एमआईईटी की टीम सेंटिएंट मैवरिक्स ने “एआई कॉल शील्ड” नामक एक अभिनव रियल-टाइम सुरक्षा प्रणाली विकसित की, जिसका उद्देश्य डीपफेक ऑडियो और एआई वॉइस क्लोनिंग जैसे बढ़ते साइबर खतरों से लोगों को सुरक्षित करना है। वर्तमान समय में साइबर अपराधी सिंथेटिक आवाज़ों का उपयोग कर विश्वसनीय व्यक्तियों या अधिकारियों का रूप धारण कर ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य संवेदनशील जानकारियां ठग लेते हैं।
टीम द्वारा विकसित यह एप्लीकेशन फोन कॉल के दौरान सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है। कॉल के दौरान एआई मॉडल तुरंत आवाज़ की भौतिक विशेषताओं का विश्लेषण करता है, जैसे अस्वाभाविक पिच स्थिरता, रोबोटिक ध्वनि पैटर्न तथा ‘परफेक्ट साइलेंस’ जैसी मशीन-जनित आवाज़ की पहचान करने वाले संकेत। साथ ही, यह सिस्टम विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में उपयोग की जाने वाली दबावपूर्ण एवं भ्रामक भाषा की भी निगरानी करता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संपूर्ण प्रक्रिया उपयोगकर्ता की गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए व्यक्तिगत जानकारी (जैसे खाता संख्या आदि) को स्वतः छिपाकर करती है।
प्रतियोगिता के दौरान टीम ने छात्र श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त कर 40 हज़ार की नगद राशि जीती।
इस अवसर पर एमआईईटी के चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल,गौरव अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ संजय कुमार सिंह, डीन एकेडमिक्स डॉ संजीव सिंह,हेड डॉ रामबीर सिंह,अजय चौधरी ने बधाई दी।

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