मेरठ। एमआईईटी में रूस की प्रतिष्ठित अस्त्रखान खान युनिवर्सिटी के सहयोग से एक उच्चस्तरीय तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रूसी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान की।
कार्यक्रम की शुरुआत इंटरनेशनल रिलेशंस के वाइस प्रेसिडेंट विभूति शंकर द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। इसके बाद कैंपस निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का पारंपरिक भारतीय शैली में माल्यार्पण, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।
रूसी प्रतिनिधिमंडल में रेक्टर डॉ. इगोर अलेक्सेयेव, लॉ विभागाध्यक्ष डॉ. क्रिस्टिना ग्रिगोरोवा, वाइस रेक्टर डॉ. एकातेरिना पाखोमोवा, इंटरनेशनल अफेयर्स की प्रमुख पावलोवा गुलनारा शामिलेवना तथा ट्रांसलेटर मार्शाल्किन दिमित्री ओलेगोविच शामिल रहे।
तकनीकी सत्र के दौरान फार्मास्युटिकल क्षेत्र में उभरती संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। रूसी विशेषज्ञों ने बताया कि रूस दवा उत्पादन एवं नई औषधियों के अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है। उन्होंने भारतीय और रूसी फार्मा कंपनियों के बीच कानूनी एवं संस्थागत सहयोग की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सकता है।
दोनों संस्थानों के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, तकनीकी हस्तांतरण, शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त सेमिनार एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के आयोजन जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
प्रतिनिधियों ने भारत-रूस संबंधों के हाल के वर्षों में और अधिक मजबूत होने की बात कही तथा विश्वास जताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक सहयोग द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के साथ-साथ शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में वैश्विक अवसरों के द्वार खोलेंगे।
इस अवसर पर चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल एवं गौरव अग्रवाल, डीन एकेडमिक्स डॉ. संजीव सिंह, डॉ. हनी तोमर सहित संस्थान के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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