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Sunday, February 18, 2024

नेशनल समिट ऑफ इंस्टीट्यूशनल लीडर्स-2024 में वेंक्टेश्वरा ने दिया व्याख्यान

- शिक्षा को संस्कार, रोजगार एवं नवाचार से जोड़कर भारत बनेगा फिर से विश्व गुरू - योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री 
- डिजीटल क्रान्ति, ए.आई. (आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स), शिक्षा में रिसर्च से आने वाले वर्षों में भारत बनेगा दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति - महामहिम राज्यपाल आदरणीय आनन्दीबेन पटेल मुख्य अतिथि समापन सत्र।
- जिस राष्ट्र का युवा शिक्षित एवं सशक्त होगा उसको विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता - डाॅ. सुधीर गिरि, चेयरमैन, वेंक्टेश्वरा समूह।
- विद्याभारती व शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, एवं उच्च शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डाॅ. सुधीर गिरि के निर्देश पर डीन मास कम्यूनिकेशन डाॅ. दिव्या गिरधर ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं तकनीक के बल पर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में शिक्षण संस्थानों की भूमिका को सर्वोच्य बताया। उन्होने बताया कि श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूर्ण रूप से लागू करने वाला देश का पहला निजी विश्वविद्यालय/ संस्थान है।
- लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा 15 फरवरी तक ‘‘नेशनल समिट ऑफ इंस्टीट्यूशनल लीडर्स-2024‘‘ में श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय की धूम रही। देशभर से आये हजारों शिक्षाविदों, कुलपतियों, वैज्ञानिकों, शिक्षा अधिकारियों एवं राजनयिकों की उपस्थिति में वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय की डीन मास कम्यूनिकेशन डाॅ. दिव्या गिरधर ने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व रखते हुए नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं उच्च टेक्नोलाॅजी के दम पर आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत संकल्प@2047 में शिक्षण संस्थानों की भूमिका को सर्वोच्य बताया


लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय (15-17 फरवरी 2024) ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा समागम-2024‘‘ का शुभारम्भ मुख्य अतिथि, मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश आदरणीय योगी जी, केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री भारत सरकार राजकुमार रंजन सिंह, यू.पी. के उच्च शिक्षामंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, विद्या भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. कैलाश चन्द्र शर्मा एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय आदि ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया।
अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री योगी जी ने कहा कि आज पूरे विश्व में उच्च शैक्षणिक मापदण्डों के चलते भारत का रूतबा शिखर पर है। हमें शिक्षा को संस्कार, नवाचार एवं रोजगार (तीनों) से जोड़कर भारत को फिर से विश्वगुरू बनाना है।
 वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभाग करते हुए डीन मास कम्यूनिकेशन डाॅ. दिव्या गिरधर ने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सम्पूर्ण रूप में लागू करने वाला वेंक्टेश्वरा देश का सबसे पहला निजी विश्वविद्यालय है। नयी शिक्षा नीति को तकनीक से जोड़कर भारत को विकसित बनाने में शिक्षण संस्थानों की भूमिका सर्वोच्य होगी।
तीन दिवसीय ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा समागम-2024" को यू.जी. चेयरमैन एम. जगदीश कुमार, एन.डी.टी.एफ. के चेयरमैन डाॅ. अनिल सहस्त्रबुद्धे, इग्नू के कुलपति नागेश्वर राव, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह आदि ने सम्बोधित किया।
इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा समागम में वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय का शानदार प्रभावी प्रतिनिधित्व करने पर डाॅ. दिव्या गिरधर को विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं प्रशासन की ओर से प्रधान सलाहकार प्रो. वी.पी.एस. अरोड़ा, प्रतिकुलाधिपति डाॅ. राजीव त्यागी, सी.ई.ओ. अजय श्रीवास्तव,  सलाहकार आर.एस. शर्मा, कुलपति प्रो. ऐ.के. शुक्ला, प्रतिकुलपति डाॅ. राकेश यादव, कुलसचिव डाॅ. पीयूष पाण्डे, संयुक्त सचिव डाॅ. राजेश सिंह एवं मेरठ परिसर से निर्देशक डाॅ. प्रताप, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोगों ने शुभकामनाऐं प्रेषित की हैं।

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