एमआईईटी इनक्यूबेशन फोरम के सीईओ रेहान अहमद ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जॉब लेने के बजाय जॉब देने वाला बनने की दिशा में प्रेरित करना है।
वहीं, एसीआईसी एमआईईटी मेरठ फाउंडेशन के सीईओ प्रशांत कुमार गुप्ता ने कहा कि हम अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर के माध्यम से छात्रों को प्रोटोटाइप बनाने और 3डी प्रिंटर का उपयोग करके अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने का अवसर दे रहे हैं। यदि किसी छात्र के पास कोई इनोवेटिव आइडिया है, तो उसे धरातल पर उतारने में हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
महोत्सव के अंतर्गत एमआईईटी के फार्मास्यूटिकल टेक्नोलॉजी विभाग ने भी छात्रों और प्रतिभागियों के लिए व्यावहारिक कार्यशालाओं का आयोजन किया। इनमें साबुन बनाने, लिप बाम निर्माण, वाइन निर्माण प्रक्रिया की जानकारी और रोगियों के जीवन-निर्वाह संकेतों की महत्ता पर आधारित सत्र शामिल थे। इन गतिविधियों ने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी अवधारणाओं को सरल तरीके से समझने का अवसर दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ विपिन कुमार गर्ग,डॉ अंकित तोमर, विशी खत्री और अर्चना अधाना जैसे शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान कई ग्रासरूट इनोवेटर्स को भी मंच प्रदान किया गया, जिनके विचारों को फाउंडेशन के माध्यम से विकसित किया जाएगा। प्रशांत गुप्ता ने बताया कि महोत्सव में चुने गए सर्वश्रेष्ठ इनोवेटिव आइडिया को सेंटर में ले जाकर वास्तविक स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
मेरठ महोत्सव में जहां बच्चों और बड़ों के लिए मनोरंजन के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं यह आयोजन ज्ञानवर्धन और नवाचार पर केंद्रित रहा। रोबो रेस, रोबोट वॉर और रोबो सॉकर जैसी गतिविधियों ने छात्रों का ध्यान खींचा और उन्हें तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
मेरठ महोत्सव 2024 ने नवाचार और उद्यमशीलता की दिशा में युवाओं को प्रेरित करने का एक सशक्त आधार प्रदान किया है। यह महोत्सव छात्रों के भीतर कुछ नया करने की ललक और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का जुनून पैदा कर रहा है। इस प्रकार, मेरठ महोत्सव ने न केवल छात्रों और युवाओं को एक नई दिशा दी, बल्कि उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और उसे साकार करने का अवसर भी प्रदान किया। ऐसे आयोजन देश को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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