मुख्य अतिथि डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से योग को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई, जिससे भारत की प्राचीन विरासत को वैश्विक मंच पर सम्मान मिला। उन्होंने योग को न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम बताया।
संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि भारत, जो आज दुनिया का सबसे युवा देश है, योग और अध्यात्म के बल पर पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। वहीं, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने एक महीने तक चले “योग माह” के समापन अवसर पर कहा कि भारत को तनावमुक्त और वैश्विक सौहार्द्र का प्रतीक बनाने में योग की अहम भूमिका है।
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक और योगाचार्य आचार्य कृष्ण कुमार ने छात्र-छात्राओं और स्टाफ को सूर्य नमस्कार, वज्रासन, ताड़ासन, वृक्षासन, भद्रासन, त्रिकोणासन, वक्रासन, मंडूकासन, जानु शीर्षासन आदि का अभ्यास कराया और उनके स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को नियमित योग करने और प्राकृतिक जीवन शैली अपनाने की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर योग शिविर में योगदान देने वाले विभिन्न योगाचार्यों एवं प्रशिक्षकों को पगड़ी, पटका एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समारोह में कुलसचिव डॉ. पीयूष पांडेय, डॉ. ऐना ऐरिक ब्राउन, देवप्रताप सिंह, डॉ. एस.एन. साहू, डॉ. एल.एस. रावत, डॉ. मंजरी राणा, डॉ. अनुषा कर्णवाल, डॉ. अखिल कुमार, डॉ. टी.पी. सिंह, डॉ. योगेश्वर शर्मा, डॉ. अनिल कुमार जायसवाल, डॉ. श्रीराम गुप्ता, एस.एस. बघेल, संजीव राय, अंकिता श्रीवास्तव, के.पी. सिंह, डॉ. प्रताप सिंह (निदेशक, मेरठ परिसर) सहित अनेक गणमान्य, शिक्षक, स्टाफ सदस्य एवं सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन मीडिया प्रभारी विश्वास राणा द्वारा किया गया। योग दिवस के अवसर पर छात्रों को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य की दिशा में सक्रिय योगदान के लिए प्रेरित किया गया।

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