कार्यक्रम में इंडियन रशियन कंपैट्रियट्स सोसाइटी की अध्यक्ष एलेना बर्मन ने इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह युग तकनीकी सहयोग का है और इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने भारत और रूस के बीच एआई के क्षेत्र में सहयोग को दोनों देशों के लिए लाभकारी बताया।
इस अवसर पर इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के वाइस प्रेसिडेंट (इंटरनेशनल रिलेशंस) विभूति शंकर ने कहा कि रूसी संघ के राष्ट्रपति एच.ई. व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के बाद कई रूसी विश्वविद्यालयों के साथ संस्थान का शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग स्थापित हुआ है। उन्होंने बताया कि आगामी समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, मेकाट्रॉनिक्स तथा साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्रों में व्यापक कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रो. कुमुद कुंडू, विभागाध्यक्ष (सीएसई-एआईएमएल), इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि कन्वर्सेशनल एआई भविष्य में इस क्षेत्र का नेतृत्व करेगा। साथ ही उन्होंने मानव-केंद्रित, सतत, सुरक्षित एवं बुद्धिमान प्रणालियों द्वारा स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तन पर प्रकाश डाला। उन्होंने एजेंटिक एआई एप्लिकेशन्स के समुचित उपयोग के लिए नियामकीय ढांचे की आवश्यकता पर भी चिंता व्यक्त की।
इस अवसर पर इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में विकसित एआई आधारित प्रोटोटाइप्स का प्रदर्शन किया गया। ब्रीथ शील्ड एआई, वर्चुअल आई, सोलर पैनल एआई और न्यूरो रेटिना जैसे नवाचारों को रूसी दर्शकों द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।
कार्यक्रम के समापन पर इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने भारत और रूस के मैत्रीपूर्ण संबंधों की सराहना करते हुए कहा कि उनका संस्थान रूस के साथ सॉफ्ट डिप्लोमेसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलेज का सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेल शीघ्र ही रूस की प्रमुख साइबर सिक्योरिटी कंपनियों के साथ सहयोग स्थापित करेगा।

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