मेरठ। परतापुर बाईपास स्थित मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नवीनतम नवाचार विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शनिवार को समापन हो गया। समापन समारोह में देश-विदेश से आए शोधार्थियों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि आईआईटी दिल्ली-अबू धाबी सेंटर के डॉ. दिबाकर रक्षित ने कहा कि वैज्ञानिक शोध और नवाचार ही भविष्य के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने शोधार्थियों से अधिक से अधिक शोध कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नए विचारों और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मेरठ में इतने बड़े स्तर पर आयोजित सम्मेलन की सराहना करते हुए प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
समारोह में एमआईटी के वाइस चेयरमैन गौरव अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ. के.एल.ए. खान, प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु शर्मा तथा कॉन्फ्रेंस संयोजक डॉ. गौरव शर्मा ने उत्कृष्ट शोध प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
कॉन्फ्रेंस संयोजक ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में कुल 151 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन में दक्षिण अमेरिका, स्पेन और मलेशिया सहित भारत के नौ राज्यों से आए शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा साइंस, रिन्यूएबल एनर्जी सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समकालीन विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। प्रतिभागियों ने इसे शोध एवं ज्ञान के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच बताया।
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