नेटवर्क सिक्योरिटी, वेब एप्लिकेशन सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
मेरठ। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एमआईईटी) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर साइबर सिक्योरिटी में आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) 'साइबर सिक्योरिटी' का सफल समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक), नई दिल्ली के तकनीकी सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक साइबर सुरक्षा तकनीकों से प्रशिक्षित कर उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना था। एफडीपी में एमआईईटी, मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी), मेरठ तथा इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज (आईपेक), गाजियाबाद के फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
सी-डैक, नई दिल्ली के प्रोजेक्ट मैनेजर जयभीम गायकवाड़, साइंटिस्ट-बी दीप नारायण नंद, सिक्योरिटी ऑडिटर अनुजा श्रीधर, प्रोजेक्ट इंजीनियर उषा रानी तथा सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर अरुण कुमार ने विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन किया।
प्रशिक्षण में नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी, वेब एप्लिकेशन सिक्योरिटी एंड टेस्टिंग तथा इंसिडेंट रिस्पॉन्स, रिस्क मैनेजमेंट एवं कंप्लायंस जैसे विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को नेटवर्क सुरक्षा, साइबर हमलों की पहचान, ट्रैफिक एनालिसिस, फायरवॉल, वायरलेस सिक्योरिटी, ओडब्ल्यूएएसपी टॉप-10 कमजोरियां, सिक्योर कोडिंग, पेनिट्रेशन टेस्टिंग, डिजिटल फॉरेंसिक, थ्रेट डिटेक्शन और साइबर सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई।
एमआईईटी ग्रुप के वाइस चेयरमैन गौरव अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल तकनीकों के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा की चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में शिक्षकों और शोधकर्ताओं को नवीनतम तकनीकों से प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है।
एमआईईटी के निदेशक प्रो. (डॉ.) एस.के. सिंह ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम करने के साथ विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम समन्वयक प्रो. (डॉ.) बृजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि एफडीपी में प्राप्त ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव से फैकल्टी सदस्य विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित कर सकेंगे, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता और प्लेसमेंट की संभावनाएं बढ़ेंगी।
समापन अवसर पर डॉ. गुप्ता ने एमआईईटी प्रबंधन, सी-डैक, संस्थान के प्रशासन और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत सफल और ज्ञानवर्धक रहा।


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