राज्यपाल बोलीं- कड़ी मेहनत, नवाचार और सेवा भावना से विकसित भारत के निर्माण में निभाएं भूमिका
मेरठ। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी) का 19वां दीक्षांत समारोह सोमवार को भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 450 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान कीं। विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया, जबकि बीवीएससी एवं एनिमल हसबैंड्री के छात्र आशुतोष शर्मा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चांसलर गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा का नया संकल्प है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि किसान, गांव, समाज और राष्ट्र के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार होगा, जब युवा ज्ञान, विज्ञान, नवाचार, नैतिक मूल्यों और सेवा भावना को अपने जीवन का आधार बनाएंगे। आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल कृषि, स्टार्टअप, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसान कल्याण जैसे क्षेत्रों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा, पशुपालन, ग्रामीण उद्यमिता, खाद्य प्रसंस्करण और किसान कल्याण के क्षेत्र में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इसरो की तर्ज पर विभिन्न संस्थानों के बीच साझा अनुसंधान और समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही अधिकारियों से सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश में अनेक महिलाएं औपचारिक शिक्षा प्राप्त किए बिना भी अपने परिश्रम और उद्यमिता से करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही हैं। युवाओं को ऐसे उदाहरणों से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह "दीक्षोत्सव" के रूप में 15 दिनों तक आयोजित किया जाए, जिसमें किसानों, महिलाओं और ग्रामीण बच्चों को जोड़कर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
समारोह के मुख्य अतिथि गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष एवं बनास डेयरी के चेयरमैन शंकरभाई चौधरी ने कहा कि आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल कृषि किसानों की आय बढ़ाने के प्रभावी माध्यम हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रपौत्र अतुल धीरजलाल पटेल ने विद्यार्थियों से नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कृषि अनुसंधान, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कृषि स्टार्टअप के क्षेत्र में युवाओं को व्यापक अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया। कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि वही ज्ञान सार्थक है, जो समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित हो।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि विश्वविद्यालय में लगभग 133 करोड़ रुपये की आधारभूत संरचना विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इस अवसर पर पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार और विश्वविद्यालय के बीच कृषि, आयुर्वेद एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
समारोह में विभिन्न प्रायोजित स्वर्ण पदक, बेस्ट टीचर अवार्ड और आउटस्टैंडिंग वुमन टीचर अवार्ड भी प्रदान किए गए। वैक्सीनेशन अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए बागपत के जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही बागपत की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के लिए कुर्सियां, ट्राइसाइकिल, खिलौने और अन्य उपयोगी सामग्री वितरित की गई।
इस अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सोमेन्द्र तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, एमएलसी धर्मेन्द्र भारद्वाज, पूर्व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे, जनप्रतिनिधि, प्रबंध परिषद के सदस्य, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे।





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